The Great Silver Massacre: 5 Reasons Why Silver Prices Crashed 30% Today YRS Media

 

United States Market Update | January 31, 2026

​दुनिया भर के कमोडिटी बाजार में उस वक्त हड़कंप मच गया जब चांदी की कीमतें, जो हाल ही में $121 के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई थीं, अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। सिर्फ 48 घंटों के भीतर, चांदी $120+ से गिरकर $80-$85 के करीब आ गई। इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे कोई एक वजह नहीं, बल्कि कई बड़े कारणों का एक "Perfect Storm" है।

​यहाँ वे 5 प्रमुख कारण दिए गए हैं जिन्होंने चांदी की चमक को फीका कर दिया:

1. द 'केविन वार्स' इफेक्ट (The Kevin Warsh Factor)

​सबसे बड़ा और तात्कालिक कारण अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा केविन वार्स (Kevin Warsh) को अगला फेडरल रिजर्व चेयरमैन नामित करना रहा। मार्केट में यह डर था कि ट्रंप प्रशासन किसी ऐसे व्यक्ति को चुन सकता है जो ब्याज दरों को बहुत कम कर दे, लेकिन वार्स को एक "हाविश" (Hawkish) यानी सख्त नीति वाला माना जाता है। इस खबर से अमेरिकी डॉलर को जबरदस्त मजबूती मिली, जिससे सोने और चांदी जैसी धातुओं की कीमतें गिर गईं।

2. डॉलर इंडेक्स में भारी उछाल (Rebound in US Dollar)

​जैसे ही डॉलर इंडेक्स ने रिकवरी की, चांदी में गिरावट शुरू हो गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी डॉलर में खरीदी जाती है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य करेंसी (जैसे रुपया या यूरो) रखने वाले निवेशकों के लिए चांदी महंगी हो जाती है, जिससे मांग कम होती है और कीमतें गिरने लगती हैं।

3. भारी 'प्रॉफिट बुकिंग' (Massive Profit Taking)

​जनवरी 2026 की शुरुआत से चांदी ने 60% से ज्यादा का रिटर्न दिया था। निवेशक लंबे समय से मुनाफ़ा वसूली (Profit booking) का इंतज़ार कर रहे थे। जैसे ही कीमतों में थोड़ी गिरावट शुरू हुई, बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया, जिससे गिरावट और तेज हो गई।

4. 'ओवरबॉट' कंडीशंस और तकनीकी दबाव (Ov

erbought Technicals)

​तकनीकी चार्ट पर चांदी 'Extreme Overbought' जोन में थी। इसका मतलब है कि कीमतें अपनी वास्तविक वैल्यू से बहुत ज्यादा ऊपर जा चुकी थीं। ऐसी स्थिति में एक बड़ा 'करेक्शन' होना अनिवार्य था। $120 का स्तर एक मनोवैज्ञानिक रेजिस्टेंस बन गया था जिसे पार करने में नाकाम रहने पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया।

5. फोर्सड लिक्विडेशन (Forced Liquidations & Margin Calls)

​जैसे ही कीमतें 10% से ज्यादा गिरीं, उन व्यापारियों को भारी नुकसान होने लगा जिन्होंने मार्जिन (उधार के पैसे) पर चांदी खरीदी थी। ब्रोकर की तरफ से 'मार्जिन कॉल' आने के कारण उन्हें मजबूरी में अपनी पोजीशन बेचनी पड़ी। इस "जबरन बिकवाली" ने आग में घी का काम किया और कीमतों को और नीचे धकेल दिया।

निष्कर्ष: क्या यह खरीदने का मौका है?

​बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि यह क्रैश बहुत डरावना है, लेकिन चांदी की औद्योगिक मांग (Solar & EV) अभी भी बहुत मजबूत है। अगर चांदी $78 - $80 के स्तर पर स्थिर होती है, तो यह लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक शानदार मौका हो सकता है।

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